समस्तीपुर, मई 7 -- मोहनपुर। मोहनपुर प्रखंड के बघड़ा पंचायत में आयोजित शिवशक्ति महायज्ञ के आठवें दिन कथावाचक पंडित दिग्विजय झा महाराज ने शिव पार्वती विवाह की कथा सुनाते हुए कहा कि शिव विवाह एक दिव्य कथा है। यह कथा प्रेम, तप और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि माता पार्वती के जन्म का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव को पुन: वैराग्य से गृहस्थ जीवन में लाना था। तारकासुर का वध करने के लिए कार्तिकेय को जन्म देना और संसार में शक्ति (ऊर्जा) को पुन: स्थापित करना था। कहा कि माता का जन्म संसार में संतुलन बनाए रखने और सृजन व प्रेम की ऊर्जा को बहाल करने के लिए हुआ था। वहीं भगवान शिव के माता पार्वती के साथ विवाह का उद्देश्य भी यही था। उनका विवाह पुरुष और स्त्री ऊर्जा के मिलन का प्रतीक है, जो संसार में संतुलन बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। कथा सुनने के लिये व...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.