जौनपुर, मार्च 19 -- मछलीशहर, हिन्दुस्तान संवाद। शिव विवाह की कथा (शिव-पार्वती विवाह) सुनने से वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और सामंजस्य बना रहता है। यह कथा भक्तों के जीवन से दु:ख दूर कर कल्याण करती है, मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और पति-पत्नी के बीच प्रेम व समर्पण को बढ़ाती है। इसे पढ़ने या सुनने से दांपत्य जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। यह बातें कथा व्यास पंडित मुरारी श्याम पाण्डेय ने शैलेश मोदनवाल के आवास पर हो रही शिव पार्वती विवाह प्रसंग कथा के तहत श्रोताओं के बीच कही। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरितमानस के अनुसार, जो भी शिव-पार्वती विवाह की कथा गाता या सुनता है, उसे जीवन में सुख, कल्याण और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। भगवान शिव के स्वरूप का वर्णन करते हुए बताया कि श्मशान की राख लपेटे, गले में सांपों का हार, बाघंबर पहने हुए देखने में सब ...