बदायूं, नवम्बर 21 -- सहसवान, सवाददाता। जहांगीराबाद के कामेश्वर धाम मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा में कथा व्यास हर्षित उपाध्याय ने शिव-सती वृतांत का मार्मिक वर्णन किया। कथा में भगवान शिव और माता सती के पारस्परिक प्रेम, आदर और त्याग से भरे दिव्य प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया गया। कथाव्यास ने बताया कि कैसे सती जी ने दक्ष यज्ञ में अपमान और तिरस्कार सहने के बाद भी अपने पिता दक्ष प्रजापति के प्रति मर्यादा निभाई, परंतु शिव का अपमान सहन न कर पाईं और अंततः देह त्याग दी। सती के वियोग में शिव का तांडव, विश्व-स्तर पर कंपन तथा वीरभद्र का आविर्भाव किस प्रकार हुआ। कथा के पश्चात सामूहिक रुद्राभिषेक एवं आरती सम्पन्न हुई। कथा में मनीष सर्राफ, कल्लू सेठ, सौरव, आचार्य विनीत, उत्तम शर्मा, देवांश, अवधेश शर्मा, राहुल आदि मौजूद रहे।
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