मुंगेर, फरवरी 12 -- जमालपुर, एक प्रतिनिधि। श्री श्री 108 योगमाया बड़ी दुर्गा स्थान में श्री पंचायती अखाड़ा उदासीन ब्रह्माशील मंडल जमात के तत्वाधान में चल रहे 10 दिवसीय संगीतमय महाशिवपुराण कथा में छठे दिन हरिद्वार से आए कथावाचक ज्योतिर्मयानंद जी महाराज ने तुलसी चरित्र, प्रहलाद चरित्र , बाणासुर की दिव्य शिव भक्ति की कथा सुनाई। कथा सुनने के दौरान उन्होंने भक्तों से कहा कि मन की शांति के लिए शिव की उपासना अनिवार्य है क्योंकि शिव खुद महाकाल है जिसके साथ हो महाकाल उसका क्या बिगड़ेगा काल इसलिए कहा गया है की धरती पर चरित्र से बड़ा कुछ नहीं है चरित्र इंसान का हो या भगवान का सब एक समान है कथा सुनने के दौरान दूर से आए भक्त जनों का मन भक्ति मय हो गया। और सभी शिव भक्ति में लीन हो गए।
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