बुलंदशहर, अगस्त 3 -- प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिन आचार्य मुकेश कृष्ण शास्त्री ने बताया की चंद्रवार (सोमवार ) भगवान शिव को क्यों प्रिय है। राजा दक्ष की 27 कन्याओं का विवाह चंद्रमा से हुआ उन सब में रोहिणी से चंद्रमा अधिक प्रेम करते थे। चंद्रमा को श्राप लग गया। छय होने का फिर चंद्रमा ने प्रवास स्थान क्षेत्र में भगवान शंकर के नाम से तपस्या की। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर के चंद्रमा को एक पक्ष में घटना और एक पक्ष में बढ़ाना का वरदान प्राप्त कराया। भगवान शिव ने उन्हें अपनी जाटा में धारण कर लिया इस कारण भगवान शिव का एक नाम चंद्रशेखर भी पड़ा।गुरुद्वह यह भी पढ़ें- Shiv ji ki Kahani: भगवान शिव 7 तरह से करते हैं तांडव, पढ़ें रौद्र और आनंद रूप तांडव से जुड़ी कहानी नामक शिकारी ने सर्वप्रथम शिवरात्रि का व्रत किया था। इ...