प्रतापगढ़ - कुंडा, मार्च 20 -- फतनपुर बाजार में आयोजित श्रीराम कथा के दूसरे दिन शिव-पार्वती विवाह का पावन प्रसंग श्रद्धालुओं को सुनाया गया। कथावाचक पंडित नितेश मिश्र ने अत्यंत भावपूर्ण शैली में इस प्रसंग का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथावाचक ने माता सती के त्याग का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके देह त्याग के पश्चात भगवान शिव 87 हजार वर्षों तक गहन तपस्या में लीन रहे। उन्होंने कहा कि शिव-पार्वती विवाह का यह प्रसंग मानव जीवन के समस्त दुखों को समाप्त करने वाला है। बाद में देवताओं के अनुरोध पर भगवान शिव ने हिमाचल नरेश की पुत्री पार्वती से विवाह के लिए सहमति प्रदान की। इस मौके पर राजेश त्रिपाठी, मुख्य यजमान उमेश मिश्र एवं प्रमिला देवी, कृष्णा तिवारी, दिनेश शुक्ला, राजाराम, गोरख, सीताराम, सालिक राम, रंगू, नीतीश, शिप्रा, कृति...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.