जौनपुर, मई 21 -- जफराबाद, हिन्दुस्तान संवाद। भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह विश्वास और श्रद्धा का प्रतीक है। यह बातें मंगलवार की रात शीतला चौकिया धाम में पूरे अधिकमास आयोजित श्री राम कथा महोत्सव के तीसरे दिन प्रवचन करते हुए मानस कोविद डा मदन मोहन मिश्र ने कही। उन्होंने कहा कि शिव जी विश्वास के प्रतीक हैं और पार्वती जी श्रद्धा की प्रतीक हैं। शिव पार्वती के विवाह की चर्चा करते हुए कहा कि प्रतिकूलता में अनुकूलता का अनुभव करना ही भक्ति है। भगवान शंकर बिष, अमृत, चूहा, सर्प, बाघ और बैल जैसे विरोधी तत्वों में सन्तुलन बनाये रखते हैं। जो अपमान में भी सम्मान की भावना देखता है उसे देव नहीं बल्कि महादेव कहा जाता है। प्रवचन करते हुए डॉ. अखिलेश चंद पाठक ने कहा कि हमें ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए और शास्त्रों का बार बार चिंतन करते रहना चाहिए। कार्...