फतेहपुर, मार्च 15 -- फतेहपुर। उत्तम उद्योग व्यापार मंडल द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा में रविवार को कथा व्यास चंदन कृष्ण महाराज ने प्रभु श्रीराम द्वारा धनुष भंग एवं सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया। जिसके बाद मिथिल बने कार्यक्रम स्थल श्रीराम के जयघोषों से गंुजायमान हो गया। कथावाचक ने कहा कि जब बड़े-बड़े राजा शिवधनुष को हिला तक न सके और महाराज जनक ने हताश हो गए तब महर्षि विश्वामित्र के संकेत पर प्रभु श्रीराम ने विनम्रता के साथ धनुष की ओर प्रस्थान किया। जैसे ही श्री राम ने धनुष को हाथ लगाया और उस पर प्रत्यंचा चढ़ाई वह एक भीषण टंकार के साथ दो खंडों में विभक्त हो गया। जिसके बाद देवता पुष्प वर्षा करते रहे वहीं माता जानकी ने सखियों के साथ आकर प्रभु के गले में वरमाला डाली। बताया कि यह प्रसंग केवल एक विवाह नहीं, बल्कि जीव और ब्रह्म के मिलन का प्र...
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