मिर्जापुर, मई 24 -- जमालपुर। क्षेत्र के पसही गांव स्थित काली माता मंदिर परिसर में नवाह्न पाठ के बाद आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा की प्रथम निशा पर कथा व्यास मानस किंकर पं. नीरजानन्द शास्त्री महाराज ने शंशाक शेखर भगवान भोलेनाथ की मनोहारी कथा सुनाकर श्रोताओं को भाव विह्वल कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव कई पौराणिक कथाएं मिलती है। भगवान शिव सत्यम शिवम् सुन्दरम के प्रतीक है। भगवान शिव प्राण तत्व है। वह संहारकारी बल्कि कल्याणकारी है। भगवान शिव को स्वंय धर्म है। शिव के बिना यह संसार शव के बराबर है। भगवान शिव का विवाह राजा दक्ष के पुत्री सती से हुआ बाद मे सती जी को देह त्याग के बाद भगवान भोलेनाथ को पाने के लिए राजा हिमालय के पुत्री पार्वती के रूप मे जन्म लिया। यह भी पढ़ें- शिव विवाह की कथा सुन श्रोता भावविभोर पार्वती द्वारा कठोर तपस्या किया। ...