गोरखपुर, जून 24 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। इस वर्ष निर्जला एकादशी व्रत कल यानी 25 जून को विशेष औदायिक योग में रखा जाएगा। इसे पांडव या भीमसेनी एकादशी नाम से भी जाना जाता है। इस दिन जल से स्नान और आचमन के अतिरिक्त कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता है। इस दौरान प्रातः काल से लेकर सायंकाल 06:22 बजे तक स्वाती नामक शुभप्रद नक्षत्र भी रहेगा। इस दिन शिव और सिद्ध योग तथा सुस्थिर नामक औदायिक योग भी है। वहीं, चंद्रमा की स्थिति शुभ राशि तुला राशि पर है। ज्योतिषाचार्य पं. शरद चंद मिश्र ने बताया कि 25 जून को सूर्योदय 05:13 बजे और शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी का मान सम्पूर्ण दिन रात को 09:14 बजे तक रहेगा। उनका कहना है कि जैसे वर्ष के सभी एकादशियों का पालन किया जाता है ठीक उसी प्रकार इस एकादशी से पूर्व दिन केवल एक समय भोजन कर करना चाहिए। भोजन में लहसुन और प्याज ...