सहरसा, सितम्बर 21 -- महिषी, एक संवाददाता। शिव शिष्य हरेंद्रानंद फाउंडेशन के तत्वावधान में प्रखंड के पस्तवार गांव में रविवार को धोष पासवान के आवास पर शिव और उनकी शिष्यता का वर्तमान कालखंड में उद्भव विषय पर बैठक की गई। बैठक में शिव शिष्यता के उद्देश्य और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए शिष्य भाई परमेश्वर ने कहा कि शिव के शिष्य अपने गुरु शिव की तरह विष को अपने कंठ में धारण कर दूसरों को अमृत बांटने की सीख देते हैं। उन्होंने कहा कि सिवान जिले में जन्मे साहब श्री हरेंद्रानंद ने वर्ष 1974 में भगवान शिव को अपना गुरु माना। यह भी पढ़ें- Bhagalpur News: सहरसाः शिव और उनकी शिष्यता विषय पर बैठक आयोजित वर्ष 1980 के दशक से लोगों के बीच यह संदेश देना शुरू किया कि घर-घर पूजे जाने वाले शिव को गुरु भी माना जा सकता ह...