वाराणसी, मार्च 7 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शुक्रवार को 'गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध' का संकल्प के साथ शंखनाद किया। वीर शिवाजी की जयंती पर उन्होंने शंकराचार्य घाट पर गंगा पूजन कर संकल्प दोहराया। गौमाता को राज्यमाता घोषित कर प्रदेश में पूर्णतया गोकशी प्रतिबंधित करने के लिए प्रदेश शासन को दिये 40 में 35 दिन बीतने के बाद उन्होंने आयोजन किया।गंगा पूजन के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने छत्रपति शिवाजी के चित्र पर तिलक कर पुष्प अर्पित किए। उपस्थित लोगों को गौरक्षा का संकल्प दिलाते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी ने 12 वर्ष की उम्र में एक गौहत्यारे को दंडित कर उसके हाथों से गौमाता को छुड़ाया था। उन्होंने गौमाता के लिए प्राण-प्रण से लड़ने का उद्घोष किया था। सनातन शास्त्र कहते हैं कि राजा को गौ, ब्राह्म...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.