नई दिल्ली, जनवरी 23 -- Raj Thackeray: मुंबई की राजनीति में दशकों बाद एक साथ आए राज और उद्धव ठाकरे ज्यादा कुछ कमाल नहीं दिखा पाए। भारतीय जनता पार्टी ने एकनाथ शिंदे के साथ मिलकर बीएमसी पर उनके साम्राज्य को खत्म कर दिया। इस चुनाव की वजह से भले ही ठाकरे परिवार को ज्यादा राजनीतिक फायदा नहीं हुआ हो, लेकिन वर्षों से बिखरा परिवार एक साथ नजर आने लगा है। बाल साहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी के अवसर पर मनसे चीफ राज ठाकरे ने सामना में एक लेख के जरिए अपने शिवसेना छोड़ने के दिनों को याद किया। मनसे चीफ ने लिखा कि उस समय पर उन्हें शिवसेना छोड़ने से ज्यादा दुख इस बात का था कि अब वह बार-बार बाल साहेब ठाकरे से मुलाकात नहीं कर पाएंगे। राज ने दिवंगत चाचा बाल ठाकरे को अपने पीछे खड़े एक पर्वत की तरह बताया। चाचा के साथ अपने गहरे रिश्ते को याद करते हुए राज ने लिखा कि 2...
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