नई दिल्ली, अक्टूबर 6 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सवाल किया कि क्या पार्टी का चुनाव चिह्न उन्हें दिया जा सकता है जिन पर दल-बदल का 'संवैधानिक पाप' करने का आरोप है? शीर्ष अदालत ने भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआर्स) द्वारा एकनाथ शिंदे गुट को शिवसेना का नाम और चुनाव चिन्ह दिए जाने के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर विचार करते हुए यह सवाल किया।

चुनाव चिन्ह का प्रश्न देश के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की पीठ ने मौखिक रूप से पूछा कि क्या 'चुनाव चिन्ह की भावना' उन लोगों के लिए काम करती है जिन्होंने दलबदल का 'संवैधानिक पाप' किया है? पीठ ने यह टिप्पणी, उस सवाल के संदर्भ में की है कि क्या निर्वाचन आयोग द्वारा शिंदे गुट को पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह देने के लिए मुख्य रूप ...