चंदौली, अगस्त 5 -- पड़ाव, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के बहादुरपुर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन मंगलवार को कथा वाचक अखिलानंद जी ने शिवलिंग की महिमा पर विस्तृत प्रकाश डाला। कहा शिवलिंग भगवान शिव का निराकार रूप है। जो व्यक्ति श्रवण, कीर्तन आदि में असमर्थ हैं, यदि वे भगवान शिव के लिंग एवं मूर्ति की स्थापना कर विधि-विधान और राजोपचार से पूजा करें मोक्ष प्राप्त कर सकता हैं। कथा वाचक ने कहा शिवलिंग की पूजा के प्रभाव से बड़े-बड़े सिद्ध संत और तपस्वी भी भव बंधन से मुक्त हो गए हैं। भगवान शिव की पूजा मूर्ति और लिंग दोनों रूपों में की जाती है। यह भी पढ़ें- Rampur News: अहंकार त्यागकर विनम्रता और प्रभु भक्ति का मार्ग अपनाए मानक: देवव्रत शिव ही एकमात्र ऐसे देव हैं जो ब्रह्म स्वरूप होने के कारण निराकार हैं और रूपवान होने के कारण सकल भी ह...