कन्नौज, सितम्बर 21 -- छिबरामऊ, संवाददाता। श्रीरघुवर धाम सिद्धाश्रम ग्राम अकबरपुर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इस दौरान वानर महाराज भी कथा श्रवण के लिए पहुंचे। उन्होंने कथा पंडाल के मुख्य द्वार पर बैठकर विधिवत कथा का श्रवण किया। कथा प्रसंग सुनाते हुए कथावाचक पं.सुशील महाराज ने कहा कि शिवलिंग पर चढ़ाई गई सामग्री का भक्षण नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करना अनिष्टकारी माना गया है। उन्होंने कार्तिकेय जन्म की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि शिवजी के तेज को अग्निदेव ने धारण किया था। इसके बाद माता पार्वती ने देवताओं को श्राप दिया था, जिसके कारण देवताओं को कष्ट का सामना करना पड़ा। पं.सुशील महाराज ने कहा कि जब देवता भी भगवान शिव के तेज को सहन नहीं कर सके तो सामान्य मनुष्य क...