वाराणसी, अगस्त 2 -- वाराणसी। शिव महापुराण कथा अमृत के समान है जो सदा-सदा के लिए इस धरती पर प्रवाहमान रहेगी। शिव महापुराण गंगा के समान इस सृष्टि पर कलकल बहती रहेगी और जन जन का कल्याण करती रहेगी। यह कथा एक प्रत्यक्ष ग्रंथ है जो मानव को मुक्ति प्रदान करती हैं। यदि ईश्वर से अपना सीधा रिश्ता जोड़ना है तो शिव महापुराण कथा ही उसमें सहयोग कर सकती है। ये बातें बालव्यास पं.श्रीकांत शर्मा ने कहीं। वह शिव सेवा संस्थान की ओर से महमूरगंज स्थित बालाजी पैलेस में शनिवार से आरंभ हुई शिवमहापुराण कथा में प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि काशी ऐसी भूमि है जहां सनातन धर्म की महान विभूतियां भी आकर कथा श्रवण करना और कराना चाहती हैं। यह भी पढ़ें- Kashipur News: शिव की आराधना साधकों की सर्वश्रेष्ठ साधनाः व्यास जी सनातन धर्म अक्षुण्ण है। हमारे यहां मूर्तियों में ऐसा...