शाहजहांपुर, मार्च 2 -- श्रीरामकथा के छठे दिन कथाव्यास विजय कौशल ने भगवान राम के जनकपुरी आगमन और सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि गुरु विश्वामित्र के साथ गंगा स्नान के बाद राम और लक्ष्मण जनकपुरी पहुंचे, जहां राजा जनक ने उनका स्वागत किया। नगर भ्रमण के दौरान जनकपुरी के नर-नारियों ने दोनों राजकुमारों की छवि देख सराहना की। पुष्प वाटिका में राम और जानकी के प्रथम मिलन का वर्णन करते हुए व्यास ने भजन प्रस्तुत किया, जिस पर श्रोता झूम उठे। स्वयंवर में शिवधनुष उठाने की शर्त रखी गई, लेकिन अनेक राजाओं के प्रयास विफल रहे। जनक की चिंता के बीच गुरु की आज्ञा पर राम ने धनुष उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई और धनुष भंग कर दिया। इसके साथ ही सीता ने वरमाला पहनाई और पंडाल में जयकार गूंज उठी। मंच पर महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद, स्वामी अभेदानंद, स्वामी हनु...