नई दिल्ली, अगस्त 5 -- सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दौरान उनकी पूजा का विशेष महत्व होता है। भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के साथ बेलपत्र, दूध, गंगाजल, आक, धतूरा और भांग भी अर्पित करते हैं। लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि आखिर भगवान शिव को वही चीजें क्यों प्रिय हैं जिन्हें आमतौर पर लोग विषैला, बेकार या कम उपयोगी मानते हैं? आखिर इन चीजों को ही शिवलिंग पर चढ़ाने की परंपरा क्यों है? इसके पीछे केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि गहरी आस्था और पौराणिक मान्यताएं हैं।समुद्र मंथन से जुड़ा है संबंध पौराणिक मान्यता है कि जब देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन हुआ था तो सबसे एक खतनाक विष निकला जिसका नाम था हलाहल। इस विष का प्रभाव इतना तेज था कि इसकी वजह से पूरी सृष्टि मुश्किल में आ जाती। ऐसे में भगवान शिव ने आगे आ...