चंदौली, मार्च 22 -- दुलहीपुर। क्षेत्र के शिया जामा मस्जिद में समुदाय के लोगों ने काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज अदा की। शिया मुसलमानों ने ईद की खुशियां नहीं मनाई। किसी से गले भी नहीं मिले। इस दौरान शिया मुसलमानों ने अपने सबसे बड़े धर्म गुरु ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनाई की शहादत को भी याद किया। साथ ही अमेरिका और इजरायल के विरोध में जमकर नारेबाजी भी किया। इस मौके पर शिया धर्म गुरु और जिले के इमाम ए जुमा मौलाना कैसर हुसैन नजफी ने कहा कि आयुतुल्लाह का जाना हमारे लिए सबसे बड़ा नुकसान है। वह हमारे रहबर थे और उनके जाने का गम है। आज हमने ईद की खुशियां नहीं मनाई। कहा कि ईरान की जीत होगी। क्योंकि हुसैनी कभी जंग हारते नहीं। सन 61 हिजरी में इमाम हुसैन ने जो शहादत पेश की थी। उसी की नजीर है अयातुल्लाह की शहादत है। अंजुमन सज्जदिया असगरीय के ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.