शिमला, अप्रैल 26 -- हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में प्रस्तावित रोपवे और रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम परियोजना एक बार फिर चर्चा में है। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए बनाई गई यह योजना अब 13.65 किलोमीटर लंबे नेटवर्क के रूप में आकार लेगी, जिसमें 13 स्टेशन शामिल होंगे। यह परियोजना पहले करीब 1,556 करोड़ रुपये की थी, लेकिन अब इसकी लागत बढ़कर लगभग 2,980 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। लागत में इस तेज बढ़ोतरी के कारण राज्य सरकार का हिस्सा भी बढ़ गया है। पहले सरकार को 388 करोड़ रुपये देने थे, जो अब बढ़कर करीब 540 करोड़ रुपये हो गए हैं। यही रकम जुटाना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में अब इसके क्रियान्वयन को लेकर नई चुनौतियां सामने आ गई हैं।प्रमुख इलाकों को आपस में जोड़ेगा यह परियोजना शिमला शहर के प्रमुख इलाकों को आपस में जोड...
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