कानपुर, मार्च 1 -- 78वें भारतीय सेना दिवस के समर्पण में मध्य प्रदेश के राजगढ़ निवासी महिला साइकिलिस्ट आशा मालवीय रविवार को साइकिल चलाकर श्यामनगर स्थित 37वीं वाहिनी पहुंची। जहां पर उनका स्वागत किया गया। पीएसी में पहुंचकर उन्होंने नारी शक्ति को लेकर कहा कि शिखर पर पहुंचना सिर्फ एक रिकॉर्ड बनाना नहीं बल्कि भारतीय नारी का सामर्थ्य साबित करना है। साइकिलिस्ट आशा मालवीय ने भारतीय सेना दिवस के चलते सेना के सम्मान में अपनी यात्रा गुजरात से शुरू की थी। वह करीब 3800 किलोमीटर चलकर कानपुर पहुंचीं। आगे वह अरुणाचल प्रदेश तक पहुंचकर अपना 7800 किलोमीटर का सफर पूरा करेंगी। उन्होंने पीएसी जवानों के बीच अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनसे अक्सर लोग एक महिला होकर अकेले बेहद दुर्गम रास्तों और पहाड़ों के सफर की कठिनाइयों पर पूछते हैं, तो उन्हें बस एक बात कहना ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.