बागपत, जून 11 -- बड़ौत में व्यापारी पिता-पुत्र हत्याकांड के बाद मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर वरुण दांगी उर्फ वरुण लुहारी की मौत के साथ एक ऐसी कहानी भी सामने आई है, जिसमें एक शिक्षित और सम्पन्न परिवार वर्षों पुरानी रंजिश और वरुण के अपराध की दुनिया में उतरने से बिखरता चला गया। पिता जनता वैदिक इंटर कॉलेज से सेवानिवृत्त पीटीआई, एक बेटा राष्ट्रीय स्तर का शूटर था, दूसरा कानून की पढ़ाई कर चुका था और तीसरा इंजीनियर है, लेकिन खूनी रंजिश ने परिवार की तस्वीर बदल दी। लुहारी गांव में मास्टरजी बाबूराम का यह परिवार आज दो बेटों की मौत और पिता की गिरफ्तारी के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वरुण लुहारी पर बागपत समेत विभिन्न जनपदों के कई थानों में दर्जनों आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। मूल रूप से लुहारी गांव निवासी वरुण पिछले कई वर्षों से बड़ौत...