शिक्षा संस्कारों के बगैर अधूरी हैः गुरुप्रसाद
वाराणसी, जुलाई 26 -- फोटोः शब्दन फाउंडेशन -भारतीय ज्ञान परम्परा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर बीएचयू के प्रो. गुरुप्रसाद ने रखे विचार -वक्ताओं ने कहा, जो शिक्षा और शिक्षा नीति संस्कारों को विस्तार ना दे सके वो व्यर्थ है वाराणसी, हिटी। बीएचयू में पशुपालन विभाग के प्रोफेसर गुरुप्रसाद सिंह ने शिक्षा के सहकार का अर्थ बताते हुए कहा कि जिस शिक्षा की अवधारणा को आत्मसात करना चाहते हैं, वह संस्कारों के बगैर अधूरी है। उन्होंने यह विचार शनिवार को अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र में शब्दन फाउंडेशन की ओर से 'भारतीय ज्ञान परम्परा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति' विषय पर आयोजित व्याख्यान में रखे।
शिक्षा की प्रशासनिक और आर्थिक स्वायत्तता बतौर वक्ता बक्सर (बिहार) के सांसद सुधाकर सिंह ने शिक्षा के प्रशासनिक, आर्थिक स्वायत्तता पर बात की। कहा कि कैंपस में...
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