शिक्षा व्यवस्था अब सुधरेगी या नए संकट में डूब जाएगी
नई दिल्ली, अगस्त 9 -- पूरन डावर,चिंतक एवं विश्लेषक देश में परीक्षा-प्रणाली में सुधार की मांग व्यापक छात्र आंदोलन के बाद तेज हुई है। छात्र पेपर लीक से कहीं अधिक नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने से आक्रोशित थे। दरअसल, उपलब्ध तथ्यों और जांच के आधार पर सरकार और एनटीए ने स्वयं पूरे देश की नीट-यूजी परीक्षा रद्द कर फिर से इसे कराने का फैसला लिया था। राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार इस परीक्षा को पूरी तरह निरस्त करना छात्रों को ज्यादा नागवार गुजरा। हालांकि, हमें भावना से अधिक तथ्यों को समझना चाहिए। नीट के माध्यम से विभिन्न मेडिकल, आयुष सहित सभी पाठ्यक्रमों के लिए लगभग दो लाख सीटें उपलब्ध होती हैं, जबकि परीक्षा में करीब 23 लाख परीक्षार्थी बैठते हैं। इसका मतलब है कि लगभग 21 लाख अभ्यर्थियों को हर वर्ष निराशा हाथ लगती ही है। यह विशाल वर्ग अनेक बार शिक्षा माफिया,...
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