नई दिल्ली, जुलाई 17 -- संसद की एक संयुक्त समिति ने कहा कि विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 लागू होने पर उच्च शिक्षा की निगरानी और नियम तय करने के अधिकार एक ही केंद्रीय संस्था के पास आ जाएंगे। इससे शिक्षण संस्थानों की आजादी प्रभावित हो सकती है। सदस्यों को बांटी गई संयुक्त समिति की मसौदा रिपोर्ट के अनुसार, विधेयक में प्रस्तावित अलग-अलग स्तरों वाले जुर्माने की प्रक्रिया को मनमाने ढंग से लागू नहीं किया जा सकता। यह बिल पिछले साल दिसंबर में लोकसभा में पेश किया गया था, जिसके बाद इसे संसद की एक संयुक्त समिति को भेजा गया था। यह भी पढ़ें- 'उच्च शिक्षा बिल से संस्थानों की स्वायत्तता प्रभावित होने की आशंका' विधेयक का उद्देश्य यह विधेयक देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव का प्रस्ताव है। इसके तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), अखिल...