ललितपुर, सितम्बर 29 -- ललितपुर। जब भी शिक्षा जगत में किसी व्यक्ति विशेष के योगदान की बात होती है तो मड़ावरा ब्लाक स्थित हंसेरा ग्राम में जन्मे शिक्षा उन्नायक क्षुल्लक श्री 105 गणेशप्रसाद वर्णी जी का नाम स्वत: लोगों की जुबान पर आ जाता है। उनकी जन्म जयंती पर विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। श्री महावीर दिगंबर जैन संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साढूमल के पदाधिकारियों ने वर्णी जी के अवदान पर अपने विचार रखे। विद्यालय के हेड ट्रस्टी डॉ. सुनील जैन भोपाल ने कहा कि वर्ष 1917 में क्षुल्लक श्री गणेशप्रसाद वर्णी जी की प्रेरणा से सेठ लक्ष्मीचंद जी रईस बमराना वालों ने अपनी चंचला लक्ष्मी को ज्ञानहित में समर्पित करते हुए साढूमल में पाठशाला का शुभारंभ कराया था। यही संस्था आगे चलकर श्री महावीर दिगम्बर जैन...