शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी: दिव्यकांत
जौनपुर, जुलाई 3 -- बदलापुर, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के संत भंगड़ दास सरस्वती शिशु मंदिर बरौली में गुरुवार को पांच दिवसीय एकल शिक्षा अभियान के तहत आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन अवसर पर विद्या भारती के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सचिव माध्यमिक शिक्षा दिव्यकांत शुक्ल ने कहा कि बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार जरूरी है। सनातन धर्म संस्कारों की पौधशाला है। जहां जन्म से ही इसकी शुरुआत हो जाती है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में संस्कार स्वत: पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहता हैं। उन्होंने कहा कि हमारे यहां माता-पिता, पृथ्वी, सूर्य, चंद्र नदियों को देवताओं की श्रेणी में रखा गया है। जिनसे हम आध्यात्म के साथ-साथ भौतिक लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। इसलिए सनातन संस्कृति को अक्षुण रखने के लिए वैदिक परंपराओं का पालन आवश्यक है। इसे सजोने के लिए हमारे आच...
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