फतेहपुर, अप्रैल 9 -- फतेहपुर। नए शिक्षा सत्र के आगाज के साथ ही शिक्षा के नाम पर अवैध कारोबार का जाल बिछ गया है। मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों की गलियों तक में बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों की बाढ़ आ गई है। अभिभावकों को लुभाने के लिए कहीं ई-रिक्शा से प्रचार हो रहा है, तो कहीं चौराहों पर बड़ी-बड़ी होर्डिंग्स लगाकर दाखिला ऑफर दिए जा रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि ये स्कूल न केवल मानकों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं बल्कि फर्जी पंजीकरण नंबरों के सहारे अभिभावकों की आंखों में धूल भी झोंक रहे हैं। एक ओर जहां इन स्कूलों में सुरक्षा मानकों और प्ले-स्कूल के कड़े नियमों की अनदेखी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा को पूरी तरह व्यवसाय बना दिया गया है। ड्रेस और किताबों के नाम पर कमीशनखोरी का खेल धड़ल्ले से जारी है। मामले की गंभीरता को देखत...