नई दिल्ली, अप्रैल 23 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता शिक्षा केवल जानकारी प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, रचनात्मकता और सोचने की क्षमता विकसित करने का माध्यम भी है। उक्त बातें श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के 100वें वार्षिकोत्सव में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने छात्रों को संबोधित करते हुए कही।उन्होंने कहा कि सौ वर्ष का यह सफर केवल समय का पड़ाव नहीं, बल्कि निरंतरता, संघर्ष और प्रासंगिकता का प्रतीक है। 1926 में सर श्रीराम द्वारा स्थापित यह संस्थान आज भी नेतृत्व और उत्कृष्टता की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि एसआरसीसी ने न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में बल्कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तित्व तैयार किए हैं।उपराज्यपाल यह भी पढ़ें- बड़े सपने देखने वाले ही बड़ी उपलब्धियां ...
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