मुजफ्फरपुर, मई 22 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। शिक्षा का उद्देश्य व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास है। हम जो हैं, वही हमारा व्यक्तित्व है। यह हमारे व्यवहार, आचरण और विचारों में व्यक्त होता है। हम जो करते हैं और जो करेंगे उन सब कार्यों का योग ही हमारा व्यक्तित्व का निर्माण करता है। अगर हमारे कार्यों में अच्छे कार्यों का बाहुल्य होगा तो व्यक्तित्व अच्छा होगा और बुरे कार्यों का बाहुल्य होगा तो हमारा व्यक्तित्व बुरा होगा। ये बातें शुक्रवार को बिहार बाल भवन किलकारी में शांति सेना की ओर से आयोजित संवाद में राष्ट्रीय संयोजक अशोक भारत ने कहीं।उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व के विकास के लिए जरूरी है कि हम सत्य, प्रेम, करुणा, ईमानदारी, भाईचारा आदि मानवीय गुणों को अपने जीवन में अपनाएं। यह भी पढ़ें- नैतिकता की भावना पैदा करना मूल्य आधारित शिक्षा का उद्दे...