गुड़गांव, सितम्बर 24 -- गुरुग्राम, गौरव चौधरी। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम 2009 के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के मामले में गुरुग्राम की अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ किया है कि राज्य सरकार की प्रक्रिया से लॉटरी में चुने गए बच्चे को कोई भी निजी स्कूल दाखिला देने से मना नहीं कर सकता। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश वर्षा जैन की अदालत ने सिविल जज (जूनियर डिविजन) के पुराने आदेश को रद्द करते हुए डीएलएफ सिटी फेज-चार स्थित द श्री राम स्कूल को आदेश दिया है कि वह चार वर्षीय बच्चे को आगामी 15 दिनों के भीतर एलकेजी कक्षा में तुरंत दाखिला प्रदान करें。

महिला का आवेदन गुरुग्राम की शीतला कॉलोनी निवासी महिला ने अपने चार साल के बेटे का दाखिला सत्र 2026-27 के लिए आरटीई एक्ट 2009 के तहत एलकेज...