नई दिल्ली, मई 9 -- सुप्रीम कोर्ट 11 मई को एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करेगा, जिसमें 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शिक्षा या धार्मिक शिक्षा देने वाले सभी संस्थानों को विनियमित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। न्यायमूर्ति दीपंकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की इस याचिका की सुनवाई कर सकती है। अधिवक्ता अश्वनी दुबे के माध्यम से दायर याचिका में यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि 14 वर्ष तक के बच्चों को धर्मनिरपेक्ष शिक्षा और/या धार्मिक शिक्षा देने वाले सभी संस्थानों को अनुच्छेद 21ए के साथ-साथ अनुच्छेद 39(एफ), 45 और 51-ए(के) के तहत पंजीकृत, मान्यता प्राप्त, पर्यवेक्षित और निगरानी में रखा जाए। यह भी पढ़ें- बच्चे गुमराह हो रहे मीलॉर्ड... बिना मान्यता चल रहे धार्मिक संस्थानों...
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