मुजफ्फरपुर, जून 11 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। शिक्षक की नौकरी छोड़कर दारोगा बन गए, लेकिन अबतक स्कूल से लेकर जनगणना तक में ड्यूटी लग रही है। जो शिक्षक दो साल पहले नौकरी छोड़ चुके, उनका डेटा भी अबतक ई शिक्षा कोष पर अपलोड है। ऐसे में कभी इन शिक्षकों का आवासीय ट्रेनिंग में नाम दे दिया जा रहा तो कभी जणगणना में लगा दिया जाता है। यह भी पढ़ें- शिक्षक से दारोगा बन गए फिर भी जनगणना में लग रही ड्यूटीशिकायत का मामला एक शिक्षक का मामला सामने आने के बाद ऐसे दर्जनभर से अधिक शिक्षकों ने शिकायत की है। ड्यूटी में नहीं आने पर इन शिक्षकों से जवाब मांगा गया था। शिक्षकों का कहना कि किसी ने छह महीने पहले तो किसी ने डेढ़ साल पहले अपना इस्तीफा भी सौंप दिया है। अब दूसरी जगह जा चुके हैं, फिर भी विभाग फोन कर रहा है।वन दारोगा बनने के बाद वन दारोगा बनने के बाद नव...