बगहा, सितम्बर 7 -- बेतिया, बेका । सरकार से पूर्ण सातवें वेतनमान और पुरानी पेंशन योजना को बिहार टीचर एसोसिएशन द्वारा विरोध किया गया। नेतृत्व संघ के जिलाध्यक्ष प्रशांत प्रियदर्शी ने किया । इस अवसर पर संघ के जिलाध्यक्ष ने बताया कि एक ओर जहां सरकार सभी विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक, प्रधानाध्यापक को राज्यकर्मी मान रही है तथा राज्यकर्मी का दर्जा दे चुकी है तो वही दूसरी ओर कृत्रिम वेतन संरचना कर शिक्षकों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार कही से उचित नहीं है।

शिक्षकों का भविष्य बिहार के तमाम शिक्षक जो बिहार के भविष्य को गढ़ते है उनका खुद का भविष्य भी आज के दिन अंधकारमय हैं। बिहार के 6 लाख शिक्षक ऐसे है जो टीईटी, सक्षमता और बीपीएससी आदि परीक्षा उत्तीर्ण है। जब विभाग इतनी सारी परीक्षाएं लेकर शिक्षकों की योग्यता को बारम्बार जांच रही ह...