हाजीपुर, मार्च 24 -- चेहराकलां, सं.सू. यदि मन में लग्न हो और कुछ करने की इच्छा हो तो विपरीत परिस्थिति में भी हर कार्य अच्छे ढंग से किया जा सकता है। अपनी प्रतिभा को दिखाया जा सकता है। यह कार्य चेहराकलां प्रखंड के करहटियां बुजुर्ग गांव निवासी मो. मुस्तकीम एवं नाशरीन खातून की पुत्री कहकशा नाज ने कर दिखाया है। वह अपने माता-पिता के अलावा अपना गांव का भी नाम रौशन किया है। कहकशा के पिता टॉयर के दुकान चलाते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। सुदूर गांव देहात में जहां कोई संसाधन नहीं है। वह इस तरह की सफलता मायने रखती है। इंटर के परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक के साथ 460 अंक प्राप्त किया था। वह चार बहन में तीसरे नम्बर पर है। उसका कोई भाई नहीं है। कहकशा बीएड कर शिक्षक बनना चाहती है। वह इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं गुरुजनों को देती है। वह बताती है...
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