जौनपुर, दिसम्बर 30 -- जौनपुर, संवाददाता। टेट अनिवार्यता के मुद्दे पर मंगलवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यसभा के उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी से मिलकर आगामी बजट सत्र में आरटीई एक्ट में संशोधन कर राहत दिलाने के लिए ज्ञापन सौंपा। प्रमोद तिवारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि टेट अनिवार्यता का आदेश प्राकृतिक न्याय सिद्धांत के विरुद्ध है, क्योंकि किसी भी कानून का प्रभाव उसके लागू होने के बाद से माना जाता है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों की भर्ती बीस-पच्चीस वर्ष पहले तत्कालीन पात्रता और विज्ञापन की शर्तों के आधार पर हुई है, उन्हें अब वर्तमान नियमों के आधार पर नई पात्रता परीक्षा देने को बाध्य करना अनुचित है। कहा कि शिक्षकों को न्याय दिलाने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं और आगामी बजट सत्र में इस विष...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.