रांची, सितम्बर 5 -- रांची। बेहतर समाज निर्माण और मजबूत शिक्षा व्यवस्था के लिए शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता अनिवार्य है। झारखंड में गांव-गांव तक स्कूलों की पहुंच और बच्चों के नामांकन को बढ़ावा देने के प्रयास जारी हैं, लेकिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या और विषयों की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त शिक्षकों की कमी बनी हुई है। राज्य में संचालित 35,540 सरकारी स्कूलों में फिलहाल 40 हजार से अधिक शिक्षकों की दरकार है। हाल ही में जारी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की यू-डायस प्लस 2025-26 की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 9,827 स्कूल यानी लगभग 28 प्रतिशत विद्यालय केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। हालांकि, बीते दिनों सहायक आचार्यों की नियुक्ति से यह कमी कुछ हद तक कम हुई है, परंतु स्थिति अब भी चिंताजनक है। राजधानी रांची के प्राथमिक स्कूलों में सहायक आच...