शिक्षक का संतुलित होना बेहद आवश्यक
रुडकी, जून 29 -- कलियर। स्वामी दयानंद सरस्वती विद्यालय में कार्यशाला का शुभारंभ प्रधानाचार्य गिरीश चन्द्र उनियाल, डॉ. लोकेश गुप्ता ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं बल्कि छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है। शिक्षा तभी सार्थक है जब वह मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करे। मुख्य वक्ता डॉ. लोकेश गुप्ता ने प्रोजेक्टर और प्रेजेंटेशन से तमाम जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण के लिए शिक्षक का स्वयं मानसिक रूप से स्वस्थ और संतुलित होना बेहद आवश्यक है। दूसरा सत्र पूरी तरह से संवादात्मक और रोचक रहा। इसमें शिक्षकों को व्यावहारिक अनुभव दिए गए। यह भी पढ़ें- शिक्षक का संतुलित होना बेहद आवश्यक
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