गोरखपुर, अप्रैल 24 -- गोरखपुर, प्रमुख संवाददाता शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह के आत्महत्या के मामले में फरार चल रहे देवरिया बीएसए कार्यालय के तत्कालीन लिपिक संजीव कुमार सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी प्रभारी विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) सिद्धार्थ सिंह की अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने टिप्पणी की कि 16 लाख रुपये की रिश्वत मांगना और प्रताड़ना देना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।अभियोजन पक्ष के अनुसार, कृष्ण मोहन सिंह की नियुक्ति वर्ष 2016 में देवरिया के एक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। वर्ष 2023 में उनकी नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 13 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट ने निरस्तीकरण आदेश को रद्द करते हुए नया आदेश पारित करने का निर्देश दिया, लेकिन इसके बावजूद वेतन बहाली नहीं की गई...