आजमगढ़, फरवरी 27 -- आजमगढ़, संवाददाता। बीएसए कार्यालय में टीचर्स फेडरेशन आफ इंडिया के तत्वावधान में गुरुवार को टीईटी अनिवार्यता से सभी शिक्षकों को मुक्त रखने समेत अन्य मांगों को लेकर शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद पीएम के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 27 जुलाई 2011 से लागू हुआ था और उस तिथि से पहले नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी से छूट दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक सितंबर 2025 के आदेश में अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को भी सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। शिक्षक नेताओं ने इसे पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि भारत सरकार को तत्काल अध्यादेश लाकर आरटीई लागू...
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