रामपुर, फरवरी 25 -- रामपुर। टीईटी के विरोध में शिक्षक लामबंद होने लगे हैं। करीब एक सप्ताह तक शिक्षकों ने विरोध-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। 22 फरवरी को ट्विटर अभियान के साथ ही विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी के तहत अब 25 फरवरी तक जिलेभर के शिक्षक हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताने के साथ ही शिक्षण कार्य करेंगे। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) कक्षा एक से आठ तक सरकारी शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य अर्हता परीक्षा है। यह परीक्षा बाल विकास और शिक्षण कौशल का आंकलन करती है। इसका विरोध मुख्य रूप से सेवारत (पहले से नियुक्त) शिक्षक कर रहे हैं। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 से सभी शिक्षकों के लिए इसे अनिवार्य कर दिया है। जिससे वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को नौकरी पर खतरा और अनुभव की अनदेखी का डर सता रहा है। जिस कार...
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