धनबाद, जुलाई 25 -- धनबाद, मुख्य संवाददाता। झारखंड अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी महासंघ (झारोटेफ) ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश पर आपत्ति जताई है। झारोटेफ के अध्यक्ष विक्रांत कुमार सिंह व प्रांतीय महासचिव उज्ज्वल तिवारी ने कहा है कि अव्यवहारिक संकल्पों एवं तकनीकी व्याख्याओं के आधार पर शिक्षकों को एमएसीपी से वंचित नहीं किया जा सकता। तिवारी का कहना है कि झारखंड के शिक्षक भी राज्य के नियमित सरकारी सेवक हैं। अन्य राज्यकर्मियों की भांति उन्हें भी एमएसीपी का लाभ मिलना उनका न्यायोचित एवं संवैधानिक अधिकार है। विभाग की ओर से केवल पुराने संकल्पों एवं नियमों का हवाला देकर इस अधिकार से शिक्षकों को वंचित करना न केवल न्यायसंगत नहीं है, बल्कि समानता के संवैधानिक सिद्धांत के भी प्रतिकूल है।तिवारी ने स्पष्ट किया कि संगठन...