प्रयागराज, मई 20 -- इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालयों के शिक्षकों की लंबित समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति शिक्षकों में असंतोष और नाराजगी बढ़ती जा रही है। आक्टा अध्यक्ष प्रो. सुरेन्द्र पाल सिंह ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन नियमों के अनुसार नहीं, बल्कि मनमाने तरीके से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि एडीसी में कई शिक्षक दो से ढाई वर्ष से कार्यरत हैं, लेकिन अब तक उनका स्थायीकरण नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थायीकरण लंबित रहने के कारण शिक्षक वित्तीय और शैक्षिक अवसरों से वंचित हो रहे हैं तथा मानसिक शोषण झेलने को मजबूर हैं। इस संबंध में कई बार शिकायत और आरटीआई आवेदन दिए जाने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई उत्तर नहीं दिया। यह भी पढ़ें- निदेशालय में अधिकारी की अनुपस्थिति से शिक्षकों में ...