जमशेदपुर, मई 24 -- जनगणना प्रक्रिया के तकनीकी पेच ने शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है। इस बार जनगणना के लिए बायोड यानी ब्रिंग योर ओन डिवाइस मॉडल लागू किया गया है, जिसके तहत शिक्षकों को अपने निजी स्मार्टफोन पर एचएलओ एप डाउनलोड कर डेटा फीड करना है। सरकार के इस फैसले ने सरकारी शिक्षकों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है, क्योंकि एप को सुचारू रूप से चलाने के लिए मोबाइल में एंड्रॉयड 12 या आईओएस 15.0 से ऊपर के लेटेस्ट वर्जन और न्यूनतम 4 जीबी रैम की तकनीकी शर्त रखी गई है। इस स्थिति ने शिक्षकों पर दोहरा आर्थिक बोझ डाल दिया है। एक तरफ जिले में हुए कथित ट्रेजरी कांड के कारण तीन महीनों से सरकारी स्कूलों के सभी स्तर के शिक्षकों का वेतन रुका हुआ है, जिससे उनके पास नया और अपडेटेड मोबाइल खरीदने के पैसे नहीं हैं। दूसरी तरफ, प्रशिक्षण के दौरान अधिकांश अध्यापक...