प्रयागराज, अप्रैल 2 -- यूपी बोर्ड ने 2026-27 सत्र से प्रदेशभर के 22 हजार से अधिक वित्तविहीन स्कूलों में प्रवेश पर सख्ती का निर्णय लिया है। इस सत्र में खासतौर से स्कूलों में उपलब्ध शिक्षकों और कक्षा-कक्ष की संख्या के अनुरूप छात्र-छात्राओं के प्रवेश की जांच होगी। यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह को शिकायत मिली है कि कई वित्तविहीन स्कूल ऐसे हैं जहां उपलब्ध संसाधन की तुलना में अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण होता है। इनमें से कई स्कूल ऐसे हैं जो नकल के सहारे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की पास कराने के नाम पर प्रवेश लेते हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सचिव ने अफसरों को निर्देशित किया है कि स्कूलों में उपलब्ध संसाधन के अनुरूप विद्यार्थियों के प्रवेश सुनिश्चित करें।
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