हरिद्वार, सितम्बर 7 -- हिमालय की सेहत बिगड़ी तो नदियों का अस्तित्व भी संकट में पड़ जाएगा। लगातार बढ़ता प्रदूषण, जंगलों का कटान और प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन पहाड़ों के साथ मैदानी क्षेत्रों के लिए भी खतरे की घंटी है। ऐसे में हिमालय और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनभागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से हिन्दुस्तान हिमालय बचाओ अभियान के तहत रामानंद इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड मैनेजमेंट में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। संस्थान के चेयरमैन श्री महंत डॉ. रविंद्र पुरी ने ऑनलाइन माध्यम से सभी को हिमालय एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। चेयरमैन श्री महंत डॉ. रविंद्र पुरी ने कहा कि हिमालय केवल पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता की अमूल्य धरोहर है। यह भी पढ़ें- हिमालय बचाओ अभियान में...