देहरादून, दिसम्बर 6 -- पुरोला। पुरोला मुख्यालय से महज 14 से 15 किलोमीटर की दूरी पर बसे करड़ा ग्राम पंचायत के शिकारू गांव के लोगों के दशकों से सड़क निर्माण की मांग कब पूरी होगी। इसका जवाब मिलना कठिन सा हो गया है। हर गांव को सड़क से जोड़ने को प्रदेश सहित केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सड़क योजना, मेरा गांव मेरी सड़क आदि जैसी महत्वकांक्षी योजनाओं का ढिंढोरा तो पीटा जाता है। लेकिन आजादी के 75 वर्ष व उत्तराखण्ड के अलग राज्य के अस्तित्व में आए दो दशक से अधिक बीतने के बाद भी मेरा गांव मेरी सड़क, पीएमजीएसवाई आदि योजनाओं के लाभ का पुरोला विकासखण्ड के शिकारू गांव सहित सुराणु सेरी, सर बडियाड़ व मोरी क्षेत्र के कई ग्रामीण अभी भी सड़क का सपना देखने को ही मजबूर हैं। सरकार के लाख दावे करने के बाद धरातल की हकीकत का पता तब चलता है जब ग्रामीणों को गर्भवती, बीमार व वृ...