दुमका, अप्रैल 6 -- शिकारीपाड़ा प्रखंड के सुंदराफलान सहित कई गांव में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। लाखों खर्च कर विभिन्न पंचायतों में लगाए गए सोलर जल मीनार केवल शोभा की वस्तू बन गई है। उप विकास आयुक्त की ओर से शिकारीपाड़ा प्रखंड में सभी पंचायत सचिव को पंचायत में जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया था। पंचायत में टायर्ड अनटायर्ड फंड की राशि उपलब्ध करते हुए सभी पंचायत सचिव को गर्मी के पहले सभी जलमीनार को दुरुस्त करने का निर्देश देने के बावजूद अब तक प्रखंड में इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। मुख्यालय के शिकारीपाड़ा पंचायत अंतर्गत मुख्यालय से महज 2 किलोमीटर पर स्थित सुंदराफलान गांव में कई चापाकल वर्षों से खराब पड़े हैं। चौंकाने वाली बात है कि आंगनवाड़ी केंद्र में करीब 2 वर्ष से चापाकल खराब पड़े हैं। गांव में अन्य दो चापाकल 2 ...