नई दिल्ली, नवम्बर 22 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि शिकायत दर्ज करने में देरी वरिष्ठ नागरिक अधिनिमय 2007 के तहत बुजुर्ग को राहत देने से इनकार करने का आधार नहीं है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ ने कहा कि अगर कोई बुजुर्ग तय कानूनी तरीके से शिकायत दर्ज नहीं करा पाता तो उस वरिष्ठ नागरिक को उसके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता है। पीठ ने कहा कि बहुत बार ऐसा होता है कि बुजुर्ग अपने बच्चों के हाथों उत्पीड़न झेलते रहते हैं और शिकायत दर्ज करने से बचते हैं। ऐसे में वरिष्ठ नागरिक की यह कहकर सहायता करने से इनकार नहीं किया जा सकता कि मामला पुराना है। पीठ ने आगे कहा कि यह भी हो सकता है कि बुजुर्ग जल्दबाजी में कदम उठाने के बजाय अपने बच्चों के साथ सुलह करने की कोशिश करें। पीठ ने एक वरिष्ठ नागरिक द्वारा दायर याचिका पर ...
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